दिनांक : 01 अक्टूबर 2020
दिनांक : 01 अक्टूबर 2020
आज का पंचांग
सूर्योदय का समय : प्रातः 06:14
सूर्यास्त का समय : सायं 06:07
चंद्रोदय का समय : सायं 06:10
चंद्रास्त का समय : प्रातः 05:31
तिथि संवत :-
दिनांक - 01 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन (अधिक मास)
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - पूर्णिमा गुरुवार रात्रि 02:34 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रात्रि बाद प्रातः 05:57 तक रहेगा इसके बाद रेवती नक्षत्र रहेगा
योग - वृध्दि योग रात्रि 08:27 तक रहेगा इसके बाद ध्रुव योग रहेगा
करण - विष्टि करण दोपहर 01:28 तक रहेगा इसके बाद बव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - कन्या
चंद्रग्रह - मीन
मंगलग्रह - मेष
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
दोपहर 01:30 से 03:00 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:47 से 12:34 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:09 से 02:57 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:55 से 06:19 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:46 से 12:35 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:38 (02 अक्टूबर) से 05:26 तक रहेगा
दिशाशूल :-
दक्षिण दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो तिल,गुड़ या गुड़ के चावल खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:14 से 07:43 तक शुभ का
प्रातः 07:43 से 09:12 तक रोग का
प्रातः 09:12 से 10:41 तक उद्वेग का
प्रातः 10:41 से 12:10 तक चर का
दोपहर 12:10 से 01:39 तक लाभ का
दोपहर 01:39 से 03:09 तक अमृत का
दोपहर बाद 03:09 से 04:38 तक काल का
सायं 04:38 से 06:07 तक शुभ का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 06:07 से 07:38 तक अमृत का
रात्रि 07:38 से 09:09 तक चर का
रात्रि 09:09 से 10:40 तक रोग का
रात्रि 10:40 से 12:11 तक काल का
अधोरात्रि 12:11 से 01:42 तक लाभ का
रात्रि 01:42 से 03:13 तक उद्वेग का
प्रातः (कल) 03:13 से 04:44 तक शुभ का
प्रातः (कल) 04:44 से 06:15 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा
तिथि संवत :-
दिनांक - 01 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन (अधिक मास)
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - पूर्णिमा गुरुवार रात्रि 02:34 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रात्रि बाद प्रातः 05:57 तक रहेगा इसके बाद रेवती नक्षत्र रहेगा
योग - वृध्दि योग रात्रि 08:27 तक रहेगा इसके बाद ध्रुव योग रहेगा
करण - विष्टि करण दोपहर 01:28 तक रहेगा इसके बाद बव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - कन्या
चंद्रग्रह - मीन
मंगलग्रह - मेष
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
दोपहर 01:30 से 03:00 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:47 से 12:34 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:09 से 02:57 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:55 से 06:19 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:46 से 12:35 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:38 (02 अक्टूबर) से 05:26 तक रहेगा
दिशाशूल :-
दक्षिण दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो तिल,गुड़ या गुड़ के चावल खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:14 से 07:43 तक शुभ का
प्रातः 07:43 से 09:12 तक रोग का
प्रातः 09:12 से 10:41 तक उद्वेग का
प्रातः 10:41 से 12:10 तक चर का
दोपहर 12:10 से 01:39 तक लाभ का
दोपहर 01:39 से 03:09 तक अमृत का
दोपहर बाद 03:09 से 04:38 तक काल का
सायं 04:38 से 06:07 तक शुभ का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 06:07 से 07:38 तक अमृत का
रात्रि 07:38 से 09:09 तक चर का
रात्रि 09:09 से 10:40 तक रोग का
रात्रि 10:40 से 12:11 तक काल का
अधोरात्रि 12:11 से 01:42 तक लाभ का
रात्रि 01:42 से 03:13 तक उद्वेग का
प्रातः (कल) 03:13 से 04:44 तक शुभ का
प्रातः (कल) 04:44 से 06:15 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा
