दिनांक : 05 अक्टूबर 2020
दिनांक : 05 अक्टूबर 2020
आज का पंचांग
सूर्योदय का समय : प्रातः 06:16
सूर्यास्त का समय : सायं 06:02
चंद्रोदय का समय : रात्रि 08:12
चंद्रास्त का समय : प्रातः 09:01
तिथि संवत :-
दिनांक - 05 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन (अधिक मास)
पक्ष - कृष्ण पक्ष
तिथि - तृतीया सोमवार प्रातः 10:02 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - भरणी नक्षत्र दोपहर 02:57 तक रहेगा इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र रहेगा
योग - वज्र योग रात्रि 12:05 तक रहेगा इसके बाद सिध्दि योग रहेगा
करण - विष्टि करण प्रातः 10:02 तक रहेगा इसके बाद बव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - कन्या
चंद्रग्रह - मेष
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
प्रातः 07:30 से 09:00 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:46 से 12:33 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:07 से 02:54 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:50 से 06:14 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:45 से 12:34 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:39 (06 अक्टूबर) से 05:28 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:16 से 07:44 तक अमृत का
प्रातः 07:44 से 09:13 तक काल का
प्रातः 09:13 से 10:41 तक शुभ का
प्रातः 10:41 से 12:09 तक रोग का
दोपहर 12:09 से 01:37 तक उद्वेग का
दोपहर 01:37 से 03:06 तक चर का
दोपहर बाद 03:06 से 04:34 तक लाभ का
सायं 04:34 से 06:02 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 06:02 से 07:34 तक चर का
रात्रि 07:34 से 09:06 तक रोग का
रात्रि 09:06 से 10:38 तक काल का
रात्रि 10:38 से 12:09 तक लाभ का
अधोरात्रि 12:09 से 01:41 तक उद्वेग का
रात्रि 01:41 से 03:13 तक शुभ का
प्रातः (कल) 03:13 से 04:45 तक अमृत का
प्रातः (कल) 04:45 से 06:17 तक चर का चौघड़िया रहेगा
तिथि संवत :-
दिनांक - 05 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन (अधिक मास)
पक्ष - कृष्ण पक्ष
तिथि - तृतीया सोमवार प्रातः 10:02 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - भरणी नक्षत्र दोपहर 02:57 तक रहेगा इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र रहेगा
योग - वज्र योग रात्रि 12:05 तक रहेगा इसके बाद सिध्दि योग रहेगा
करण - विष्टि करण प्रातः 10:02 तक रहेगा इसके बाद बव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - कन्या
चंद्रग्रह - मेष
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
प्रातः 07:30 से 09:00 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:46 से 12:33 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:07 से 02:54 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:50 से 06:14 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:45 से 12:34 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:39 (06 अक्टूबर) से 05:28 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:16 से 07:44 तक अमृत का
प्रातः 07:44 से 09:13 तक काल का
प्रातः 09:13 से 10:41 तक शुभ का
प्रातः 10:41 से 12:09 तक रोग का
दोपहर 12:09 से 01:37 तक उद्वेग का
दोपहर 01:37 से 03:06 तक चर का
दोपहर बाद 03:06 से 04:34 तक लाभ का
सायं 04:34 से 06:02 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 06:02 से 07:34 तक चर का
रात्रि 07:34 से 09:06 तक रोग का
रात्रि 09:06 से 10:38 तक काल का
रात्रि 10:38 से 12:09 तक लाभ का
अधोरात्रि 12:09 से 01:41 तक उद्वेग का
रात्रि 01:41 से 03:13 तक शुभ का
प्रातः (कल) 03:13 से 04:45 तक अमृत का
प्रातः (कल) 04:45 से 06:17 तक चर का चौघड़िया रहेगा
