दिनांक : 17 अक्टूबर 2020
दिनांक : 17 अक्टूबर 2020
आज का पंचांग
सूर्योदय का समय : प्रातः 06:23
सूर्यास्त का समय : सायं 05:49
चंद्रोदय का समय : प्रातः 06:40
चंद्रास्त का समय : सायं 06:30
तिथि संवत :-
दिनांक - 17 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - प्रतिपदा शनिवार रात्रि 09:08 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - चित्रा नक्षत्र प्रातः 11:52 तक रहेगा इसके बाद स्वाती नक्षत्र रहेगा
योग - विष्कुंभक योग रात्रि 09:25 तक रहेगा इसके बाद प्रीति योग रहेगा
करण - किंस्तुघ्न करण प्रातः 11:04 तक रहेगा इसके बाद बव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - तुला
चंद्रग्रह - तुला
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
प्रातः 09:00 से 10:30 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:43 से 12:29 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:00 से 02:46 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:38 से 06:02 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:41 से 12:32 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:43 (18 अक्टूबर) से 05:33 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:23 से 07:49 तक काल का
प्रातः 07:49 से 09:15 तक शुभ का
प्रातः 09:15 से 10:40 तक रोग का
प्रातः 10:40 से 12:06 तक उद्वेग का
दोपहर 12:06 से 01:32 तक चर का
दोपहर 01:32 से 02:58 तक लाभ का
दोपहर बाद 02:58 से 04:23 तक अमृत का
सायं 04:23 से 05:49 तक काल का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:49 से 07:23 तक लाभ का
रात्रि 07:23 से 08:58 तक उद्वेग का
रात्रि 08:58 से 10:32 तक शुभ का
रात्रि 10:32 से 12:06 तक अमृत का
अधोरात्रि 12:06 से 01:41 तक चर का
रात्रि 01:41 से 03:15 तक रोग का
प्रातः (कल) 03:15 से 04:49 तक काल का
प्रातः (कल) 04:49 से 06:24 तक लाभ का चौघड़िया रहेगा
तिथि संवत :-
दिनांक - 17 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - प्रतिपदा शनिवार रात्रि 09:08 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - चित्रा नक्षत्र प्रातः 11:52 तक रहेगा इसके बाद स्वाती नक्षत्र रहेगा
योग - विष्कुंभक योग रात्रि 09:25 तक रहेगा इसके बाद प्रीति योग रहेगा
करण - किंस्तुघ्न करण प्रातः 11:04 तक रहेगा इसके बाद बव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - तुला
चंद्रग्रह - तुला
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
प्रातः 09:00 से 10:30 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:43 से 12:29 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:00 से 02:46 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:38 से 06:02 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:41 से 12:32 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:43 (18 अक्टूबर) से 05:33 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:23 से 07:49 तक काल का
प्रातः 07:49 से 09:15 तक शुभ का
प्रातः 09:15 से 10:40 तक रोग का
प्रातः 10:40 से 12:06 तक उद्वेग का
दोपहर 12:06 से 01:32 तक चर का
दोपहर 01:32 से 02:58 तक लाभ का
दोपहर बाद 02:58 से 04:23 तक अमृत का
सायं 04:23 से 05:49 तक काल का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:49 से 07:23 तक लाभ का
रात्रि 07:23 से 08:58 तक उद्वेग का
रात्रि 08:58 से 10:32 तक शुभ का
रात्रि 10:32 से 12:06 तक अमृत का
अधोरात्रि 12:06 से 01:41 तक चर का
रात्रि 01:41 से 03:15 तक रोग का
प्रातः (कल) 03:15 से 04:49 तक काल का
प्रातः (कल) 04:49 से 06:24 तक लाभ का चौघड़िया रहेगा
