दिनांक : 21 अक्टूबर 2020
दिनांक : 21 अक्टूबर 2020
सूर्योदय का समय : प्रातः 06:26
सूर्यास्त का समय : सायं 05:45
चंद्रोदय का समय : प्रातः 11:15
चंद्रास्त का समय : रात्रि 09:45
तिथि संवत :-
दिनांक - 21 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - पञ्चमी बुधवार प्रातः 09:07 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - मूल नक्षत्र रात्रि 01:13 तक रहेगा इसके बाद पूर्वाषाढा नक्षत्र रहेगा
योग - शोभन योग प्रातः 06:50 तक रहेगा इसके बाद अतिगण्ड योग रहेगा
करण - बालव करण प्रातः 09:07 तक रहेगा इसके बाद कौलव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - तुला
चंद्रग्रह - धनु
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
दोपहर 12:00 से 01:30 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
आज अभिजित मुहूर्त नहीं है
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 01:59 से 02:44 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:34 से 05:58 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:40 से 12:31 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:45 (22 अक्टूबर) से 05:36 तक रहेगा
दिशाशूल :-
उत्तर दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो दूध पीकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:26 से 07:51 तक लाभ का
प्रातः 07:51 से 09:16 तक अमृत का
प्रातः 09:16 से 10:40 तक काल का
प्रातः 10:40 से 12:05 तक शुभ का
दोपहर 12:05 से 01:30 तक रोग का
दोपहर 01:30 से 02:55 तक उद्वेग का
दोपहर बाद 02:55 से 04:20 तक चर का
सायं 04:20 से 05:45 तक लाभ का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:45 से 07:20 तक उद्वेग का
रात्रि 07:20 से 08:55 तक शुभ का
रात्रि 08:55 से 10:31 तक अमृत का
रात्रि 10:31 से 12:06 तक चर का
अधोरात्रि 12:06 से 01:41 तक रोग का
रात्रि 01:41 से 03:16 तक काल का
प्रातः (कल) 03:16 से 04:51 तक लाभ का
प्रातः (कल) 04:51 से 06:26 तक उद्वेग का चौघड़िया रहेगा
