दिनांक : 22 अक्टूबर 2020
दिनांक : 22 अक्टूबर 2020
आज का पंचांग
सूर्योदय का समय : प्रातः 06:26
सूर्यास्त का समय : सायं 05:44
चंद्रोदय का समय : दोपहर 12:15
चंद्रास्त का समय : रात्रि 10:44
तिथि संवत :-
दिनांक - 22 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - षष्ठी गुरुवार प्रातः 07:39 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - पूर्वाषाढा नक्षत्र रात्रि 12:59 तक रहेगा इसके बाद उत्तराषाढा नक्षत्र रहेगा
योग - सुकर्मा योग रात्रि 02:37 तक रहेगा इसके बाद धृति योग रहेगा
करण - तैतिल करण प्रातः 07:39 तक रहेगा इसके बाद गर करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - तुला
चंद्रग्रह - धनु
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
दोपहर 01:30 से 03:00 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:43 से 12:28 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 01:58 से 02:43 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:33 से 05:57 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:40 से 12:31 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:45 (23 अक्टूबर) से 05:36 तक रहेगा
दिशाशूल :-
दक्षिण दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो तिल,गुड़ या गुड़ के चावल खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:26 से 07:51 तक शुभ का
प्रातः 07:51 से 09:16 तक रोग का
प्रातः 09:16 से 10:41 तक उद्वेग का
प्रातः 10:41 से 12:05 तक चर का
दोपहर 12:05 से 01:30 तक लाभ का
दोपहर 01:30 से 02:55 तक अमृत का
दोपहर बाद 02:55 से 04:20 तक काल का
सायं 04:20 से 05:44 तक शुभ का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:44 से 07:20 तक अमृत का
रात्रि 07:20 से 08:55 तक चर का
रात्रि 08:55 से 10:30 तक रोग का
रात्रि 10:30 से 12:06 तक काल का
अधोरात्रि 12:06 से 01:41 तक लाभ का
रात्रि 01:41 से 03:16 तक उद्वेग का
प्रातः (कल) 03:16 से 04:52 तक शुभ का
प्रातः (कल) 04:52 से 06:27 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा
तिथि संवत :-
दिनांक - 22 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - षष्ठी गुरुवार प्रातः 07:39 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - पूर्वाषाढा नक्षत्र रात्रि 12:59 तक रहेगा इसके बाद उत्तराषाढा नक्षत्र रहेगा
योग - सुकर्मा योग रात्रि 02:37 तक रहेगा इसके बाद धृति योग रहेगा
करण - तैतिल करण प्रातः 07:39 तक रहेगा इसके बाद गर करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - तुला
चंद्रग्रह - धनु
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
दोपहर 01:30 से 03:00 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:43 से 12:28 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 01:58 से 02:43 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:33 से 05:57 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:40 से 12:31 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:45 (23 अक्टूबर) से 05:36 तक रहेगा
दिशाशूल :-
दक्षिण दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो तिल,गुड़ या गुड़ के चावल खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:26 से 07:51 तक शुभ का
प्रातः 07:51 से 09:16 तक रोग का
प्रातः 09:16 से 10:41 तक उद्वेग का
प्रातः 10:41 से 12:05 तक चर का
दोपहर 12:05 से 01:30 तक लाभ का
दोपहर 01:30 से 02:55 तक अमृत का
दोपहर बाद 02:55 से 04:20 तक काल का
सायं 04:20 से 05:44 तक शुभ का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:44 से 07:20 तक अमृत का
रात्रि 07:20 से 08:55 तक चर का
रात्रि 08:55 से 10:30 तक रोग का
रात्रि 10:30 से 12:06 तक काल का
अधोरात्रि 12:06 से 01:41 तक लाभ का
रात्रि 01:41 से 03:16 तक उद्वेग का
प्रातः (कल) 03:16 से 04:52 तक शुभ का
प्रातः (कल) 04:52 से 06:27 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा
