दिनांक : 26 अक्टूबर 2020
दिनांक : 26 अक्टूबर 2020
आज का पंचांग
सूर्योदय का समय : प्रातः 06:29
सूर्यास्त का समय : सायं 05:41
चंद्रोदय का समय : दोपहर 03:11
चंद्रास्त का समय : रात्रि 02:34
तिथि संवत :-
दिनांक - 26 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - दशमी सोमवार प्रातः 09:00 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - हेमन्त ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - शतभिषा नक्षत्र संपूर्ण दिनरात तक रहेगा
योग - वृध्दि योग रात्रि 12:40 तक रहेगा इसके बाद ध्रुव योग रहेगा
करण - गर करण प्रातः 09:00 तक रहेगा इसके बाद वणिज करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - तुला
चंद्रग्रह - कुंभ
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - कन्या
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
प्रातः 07:30 से 09:00 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:42 से 12:27 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 01:57 से 02:42 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:29 से 05:53 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:40 से 12:31 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:47 (27 अक्टूबर) से 05:38 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:29 से 07:53 तक अमृत का
प्रातः 07:53 से 09:17 तक काल का
प्रातः 09:17 से 10:41 तक शुभ का
प्रातः 10:41 से 12:05 तक रोग का
दोपहर 12:05 से 01:29 तक उद्वेग का
दोपहर 01:29 से 02:53 तक चर का
दोपहर बाद 02:53 से 04:17 तक लाभ का
सायं 04:17 से 05:41 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:41 से 07:17 तक चर का
रात्रि 07:17 से 08:53 तक रोग का
रात्रि 08:53 से 10:29 तक काल का
रात्रि 10:29 से 12:05 तक लाभ का
अधोरात्रि 12:05 से 01:41 तक उद्वेग का
रात्रि 01:41 से 03:17 तक शुभ का
प्रातः (कल) 03:17 से 04:54 तक अमृत का
प्रातः (कल) 04:54 से 06:30 तक चर का चौघड़िया रहेगा
तिथि संवत :-
दिनांक - 26 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - दशमी सोमवार प्रातः 09:00 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - हेमन्त ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - शतभिषा नक्षत्र संपूर्ण दिनरात तक रहेगा
योग - वृध्दि योग रात्रि 12:40 तक रहेगा इसके बाद ध्रुव योग रहेगा
करण - गर करण प्रातः 09:00 तक रहेगा इसके बाद वणिज करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - तुला
चंद्रग्रह - कुंभ
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - कन्या
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
प्रातः 07:30 से 09:00 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:42 से 12:27 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 01:57 से 02:42 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:29 से 05:53 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:40 से 12:31 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:47 (27 अक्टूबर) से 05:38 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:29 से 07:53 तक अमृत का
प्रातः 07:53 से 09:17 तक काल का
प्रातः 09:17 से 10:41 तक शुभ का
प्रातः 10:41 से 12:05 तक रोग का
दोपहर 12:05 से 01:29 तक उद्वेग का
दोपहर 01:29 से 02:53 तक चर का
दोपहर बाद 02:53 से 04:17 तक लाभ का
सायं 04:17 से 05:41 तक अमृत का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:41 से 07:17 तक चर का
रात्रि 07:17 से 08:53 तक रोग का
रात्रि 08:53 से 10:29 तक काल का
रात्रि 10:29 से 12:05 तक लाभ का
अधोरात्रि 12:05 से 01:41 तक उद्वेग का
रात्रि 01:41 से 03:17 तक शुभ का
प्रातः (कल) 03:17 से 04:54 तक अमृत का
प्रातः (कल) 04:54 से 06:30 तक चर का चौघड़िया रहेगा
