दिनांक : 31 अक्टूबर 2020
दिनांक : 31 अक्टूबर 2020
आज का पंचांग
सूर्योदय का समय : प्रातः 06:32
सूर्यास्त का समय : सायं 05:36
चंद्रोदय का समय : सायं 05:41
चंद्रास्त का समय : प्रातः 06:03
तिथि संवत :-
दिनांक - 31 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - पूर्णिमा शनिवार रात्रि 08:18 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - हेमन्त ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - अश्विनी नक्षत्र सायं 05:58 तक रहेगा इसके बाद भरणी नक्षत्र रहेगा
योग - सिध्दि योग रात्रि बाद प्रातः 04:27 तक रहेगा इसके बाद व्यतीपात योग रहेगा
करण - विष्टि करण प्रातः 07:01 तक रहेगा इसके बाद बव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - तुला
चंद्रग्रह - मेष
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - कन्या
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
प्रातः 09:00 से 10:30 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:42 से 12:27 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 01:55 से 02:39 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:25 से 05:49 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:39 से 12:31 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:50 (01 नवम्बर) से 05:41 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:32 से 07:55 तक काल का
प्रातः 07:55 से 09:18 तक शुभ का
प्रातः 09:18 से 10:41 तक रोग का
प्रातः 10:41 से 12:04 तक उद्वेग का
दोपहर 12:04 से 01:27 तक चर का
दोपहर 01:27 से 02:50 तक लाभ का
दोपहर बाद 02:50 से 04:13 तक अमृत का
सायं 04:13 से 05:36 तक काल का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:36 से 07:14 तक लाभ का
रात्रि 07:14 से 08:51 तक उद्वेग का
रात्रि 08:51 से 10:28 तक शुभ का
रात्रि 10:28 से 12:05 तक अमृत का
अधोरात्रि 12:05 से 01:42 तक चर का
रात्रि 01:42 से 03:19 तक रोग का
प्रातः (कल) 03:19 से 04:56 तक काल का
प्रातः (कल) 04:56 से 06:33 तक लाभ का चौघड़िया रहेगा
तिथि संवत :-
दिनांक - 31 अक्टूबर 2020
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - पूर्णिमा शनिवार रात्रि 08:18 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - हेमन्त ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - अश्विनी नक्षत्र सायं 05:58 तक रहेगा इसके बाद भरणी नक्षत्र रहेगा
योग - सिध्दि योग रात्रि बाद प्रातः 04:27 तक रहेगा इसके बाद व्यतीपात योग रहेगा
करण - विष्टि करण प्रातः 07:01 तक रहेगा इसके बाद बव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - तुला
चंद्रग्रह - मेष
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - धनु
शुक्रग्रह - कन्या
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
प्रातः 09:00 से 10:30 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:42 से 12:27 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 01:55 से 02:39 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:25 से 05:49 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:39 से 12:31 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:50 (01 नवम्बर) से 05:41 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:32 से 07:55 तक काल का
प्रातः 07:55 से 09:18 तक शुभ का
प्रातः 09:18 से 10:41 तक रोग का
प्रातः 10:41 से 12:04 तक उद्वेग का
दोपहर 12:04 से 01:27 तक चर का
दोपहर 01:27 से 02:50 तक लाभ का
दोपहर बाद 02:50 से 04:13 तक अमृत का
सायं 04:13 से 05:36 तक काल का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:36 से 07:14 तक लाभ का
रात्रि 07:14 से 08:51 तक उद्वेग का
रात्रि 08:51 से 10:28 तक शुभ का
रात्रि 10:28 से 12:05 तक अमृत का
अधोरात्रि 12:05 से 01:42 तक चर का
रात्रि 01:42 से 03:19 तक रोग का
प्रातः (कल) 03:19 से 04:56 तक काल का
प्रातः (कल) 04:56 से 06:33 तक लाभ का चौघड़िया रहेगा
