दिनांक : 21 नवम्बर 2020
दिनांक : 21 नवम्बर 2020
आज का पंचांग
सूर्योदय का समय : प्रातः 06:49
सूर्यास्त का समय : सायं 05:25
चंद्रोदय का समय : दोपहर 12:34
चंद्रास्त का समय : रात्रि 11:31
तिथि संवत :-
दिनांक - 21 नवम्बर 2020
मास - कार्तिक
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - सप्तमी शनिवार रात्रि 09:48 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - हेमन्त ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - श्रवण नक्षत्र प्रातः 09:54 तक रहेगा इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा
योग - ध्रुव योग रात्रि बाद प्रातः 06:02 तक रहेगा इसके बाद व्याघात योग रहेगा
करण - गर करण प्रातः 09:33 तक रहेगा इसके बाद वणिज करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - वृश्चिक
चंद्रग्रह - मकर
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - मकर
शुक्रग्रह - तुला
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
प्रातः 09:00 से 10:30 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:46 से 12:28 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 01:53 से 02:35 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:15 से 05:39 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:41 से 12:34 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 05:02 (22 नवम्बर) से 05:56 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:49 से 08:08 तक काल का
प्रातः 08:08 से 09:28 तक शुभ का
प्रातः 09:28 से 10:47 तक रोग का
प्रातः 10:47 से 12:07 तक उद्वेग का
दोपहर 12:07 से 01:27 तक चर का
दोपहर 01:27 से 02:46 तक लाभ का
दोपहर बाद 02:46 से 04:06 तक अमृत का
सायं 04:06 से 05:25 तक काल का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:25 से 07:06 तक लाभ का
रात्रि 07:06 से 08:46 तक उद्वेग का
रात्रि 08:46 से 10:27 तक शुभ का
रात्रि 10:27 से 12:07 तक अमृत का
अधोरात्रि 12:07 से 01:48 तक चर का
रात्रि 01:48 से 03:28 तक रोग का
प्रातः (कल) 03:28 से 05:09 तक काल का
प्रातः (कल) 05:09 से 06:49 तक लाभ का चौघड़िया रहेगा
तिथि संवत :-
दिनांक - 21 नवम्बर 2020
मास - कार्तिक
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - सप्तमी शनिवार रात्रि 09:48 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - हेमन्त ऋतु
विक्रम संवत - 2077
शाके संवत - 1942
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - श्रवण नक्षत्र प्रातः 09:54 तक रहेगा इसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा
योग - ध्रुव योग रात्रि बाद प्रातः 06:02 तक रहेगा इसके बाद व्याघात योग रहेगा
करण - गर करण प्रातः 09:33 तक रहेगा इसके बाद वणिज करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - वृश्चिक
चंद्रग्रह - मकर
मंगलग्रह - मीन
बुधग्रह - तुला
गुरूग्रह - मकर
शुक्रग्रह - तुला
शनिग्रह - मकर
राहु - वृष
केतु - वृश्चिक, राशि में स्थित है
राहुकाल (मध्यम मान के अनुसार ) :-
प्रातः 09:00 से 10:30 तक रहेगा
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:46 से 12:28 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 01:53 से 02:35 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:15 से 05:39 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:41 से 12:34 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 05:02 (22 नवम्बर) से 05:56 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:49 से 08:08 तक काल का
प्रातः 08:08 से 09:28 तक शुभ का
प्रातः 09:28 से 10:47 तक रोग का
प्रातः 10:47 से 12:07 तक उद्वेग का
दोपहर 12:07 से 01:27 तक चर का
दोपहर 01:27 से 02:46 तक लाभ का
दोपहर बाद 02:46 से 04:06 तक अमृत का
सायं 04:06 से 05:25 तक काल का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:25 से 07:06 तक लाभ का
रात्रि 07:06 से 08:46 तक उद्वेग का
रात्रि 08:46 से 10:27 तक शुभ का
रात्रि 10:27 से 12:07 तक अमृत का
अधोरात्रि 12:07 से 01:48 तक चर का
रात्रि 01:48 से 03:28 तक रोग का
प्रातः (कल) 03:28 से 05:09 तक काल का
प्रातः (कल) 05:09 से 06:49 तक लाभ का चौघड़िया रहेगा
