दिनांक : 16 अगस्त 2022
दिनांक : 16 अगस्त 2022
आज का पंचांग
सूर्योदय का समय : प्रातः 05:51
सूर्यास्त का समय : सायं 07:00
चंद्रोदय का समय : रात्रि 09:58
चंद्रास्त का समय : प्रातः 10:04
तिथि संवत :-
दिनांक - 16 अगस्त 2022
मास - भाद्रपद
पक्ष - कृष्ण पक्ष
तिथि - पञ्चमी मंगलवार रात्रि 08:17 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा ऋतु
विक्रम संवत - 2079
शाके संवत - 1944
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - रेवती नक्षत्र रात्रि 09:07 तक रहेगा इसके बाद अश्विनी नक्षत्र रहेगा
योग - शूल योग रात्रि 09:50 तक रहेगा इसके बाद गण्ड योग रहेगा
करण - कौलव करण प्रातः 08:33 तक रहेगा इसके बाद तैतिल करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - कर्क
चंद्रग्रह - मीन
मंगलग्रह - वृष
बुधग्रह - सिंह
गुरूग्रह - मीन
शुक्रग्रह - कर्क
शनिग्रह - मकर
राहु - मेष
केतु - तुला, राशि में स्थित है
* शुभ समय *
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:59 से दोपहर 12:51 तक रहेगा
सर्वार्थ सिद्धि योग :-
रात्रि 09:07 से प्रातः 05:51 (17 अगस्त) तक रहेगा
अमृत सिद्धि योग :-
रात्रि 09:07 से प्रातः 05:51 (17 अगस्त) तक रहेगा
रवि योग :-
रात्रि 09:07 से प्रातः 05:51 (17 अगस्त) तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:37 से दोपहर 03:29 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 06:47 से सायं 07:11 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 12:04 से रात्रि 12:47 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:24 से प्रातः 05:07 तक रहेगा
तिथि संवत :-
दिनांक - 16 अगस्त 2022
मास - भाद्रपद
पक्ष - कृष्ण पक्ष
तिथि - पञ्चमी मंगलवार रात्रि 08:17 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा ऋतु
विक्रम संवत - 2079
शाके संवत - 1944
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - रेवती नक्षत्र रात्रि 09:07 तक रहेगा इसके बाद अश्विनी नक्षत्र रहेगा
योग - शूल योग रात्रि 09:50 तक रहेगा इसके बाद गण्ड योग रहेगा
करण - कौलव करण प्रातः 08:33 तक रहेगा इसके बाद तैतिल करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - कर्क
चंद्रग्रह - मीन
मंगलग्रह - वृष
बुधग्रह - सिंह
गुरूग्रह - मीन
शुक्रग्रह - कर्क
शनिग्रह - मकर
राहु - मेष
केतु - तुला, राशि में स्थित है
* शुभ समय *
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:59 से दोपहर 12:51 तक रहेगा
सर्वार्थ सिद्धि योग :-
रात्रि 09:07 से प्रातः 05:51 (17 अगस्त) तक रहेगा
अमृत सिद्धि योग :-
रात्रि 09:07 से प्रातः 05:51 (17 अगस्त) तक रहेगा
रवि योग :-
रात्रि 09:07 से प्रातः 05:51 (17 अगस्त) तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:37 से दोपहर 03:29 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 06:47 से सायं 07:11 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 12:04 से रात्रि 12:47 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:24 से प्रातः 05:07 तक रहेगा
* अशुभ समय *
राहुकाल :-
दोपहर 03:42 से सायं 05:21 तक रहेगा
गुलिक काल :-
दोपहर 12:25 से दोपहर 02:04 तक रहेगा
यमगण्ड :-
प्रातः 09:08 से प्रातः 10:47 तक रहेगा
दूमुहूर्त :-
प्रातः 08:28 से प्रातः 09:21 तक रहेगा
रात्रि 11:20 से रात्रि 12:04 तक रहेगा
वर्ज्य :-
प्रातः 09:07 से प्रातः 10:43 तक रहेगा
गण्ड मूल :-
संपूर्ण दिन तक रहेगा
पञ्चक :-
प्रातः 05:51 से रात्रि 09:07 तक रहेगा
दिशाशूल :-
उत्तर दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो दूध पीकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 05:51 से 07:29 तक रोग का
प्रातः 07:29 से 09:08 तक उद्वेग का
प्रातः 09:08 से 10:47 तक चर का
प्रातः 10:47 से 12:25 तक लाभ का
दोपहर 12:25 से 02:04 तक अमृत का
दोपहर 02:04 से 03:42 तक काल का
दोपहर बाद 03:42 से 05:21 तक शुभ का
सायं 05:21 से 07:00 तक रोग का चौघड़िया रहेगा
* अशुभ समय *
राहुकाल :-
दोपहर 03:42 से सायं 05:21 तक रहेगा
गुलिक काल :-
दोपहर 12:25 से दोपहर 02:04 तक रहेगा
यमगण्ड :-
प्रातः 09:08 से प्रातः 10:47 तक रहेगा
दूमुहूर्त :-
प्रातः 08:28 से प्रातः 09:21 तक रहेगा
रात्रि 11:20 से रात्रि 12:04 तक रहेगा
वर्ज्य :-
प्रातः 09:07 से प्रातः 10:43 तक रहेगा
गण्ड मूल :-
संपूर्ण दिन तक रहेगा
पञ्चक :-
प्रातः 05:51 से रात्रि 09:07 तक रहेगा
दिशाशूल :-
उत्तर दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो दूध पीकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 05:51 से 07:29 तक रोग का
प्रातः 07:29 से 09:08 तक उद्वेग का
प्रातः 09:08 से 10:47 तक चर का
प्रातः 10:47 से 12:25 तक लाभ का
दोपहर 12:25 से 02:04 तक अमृत का
दोपहर 02:04 से 03:42 तक काल का
दोपहर बाद 03:42 से 05:21 तक शुभ का
सायं 05:21 से 07:00 तक रोग का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 07:00 से 08:21 तक काल का
रात्रि 08:21 से 09:43 तक लाभ का
रात्रि 09:43 से 11:04 तक उद्वेग का
रात्रि 11:04 से 12:25 तक शुभ का
अधोरात्रि 12:25 से 01:47 तक अमृत का
रात्रि 01:47 से 03:08 तक चर का
प्रातः (कल) 03:08 से 04:30 तक रोग का
प्रातः (कल) 04:30 से 05:51 तक काल का चौघड़िया रहेगा
