दिनांक : 22 दिसम्बर 2023
दिनांक : 22 दिसम्बर 2023
आज का पंचांग
सूर्योदय का समय : प्रातः 07:10
सूर्यास्त का समय : सायं 05:29
चंद्रोदय का समय : दोपहर 01:51
चंद्रास्त का समय : प्रातः 03:25 (23 दिसम्बर)
तिथि संवत :-
दिनांक - 22 दिसम्बर 2023
मास - मार्गशीर्ष
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - दशमी शुक्रवार प्रातः 08:16 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - हेमन्त ऋतु
विक्रम संवत - 2080
शाके संवत - 1945
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - अश्विनी नक्षत्र रात्रि 09:36 तक रहेगा इसके बाद भरणी नक्षत्र रहेगा
योग - परिघ योग प्रातः 11:11 तक रहेगा इसके बाद शिव योग रहेगा
करण - गर करण प्रातः 08:16 तक रहेगा इसके बाद वणिज करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - धनु
चंद्रग्रह - मेष
मंगलग्रह - वृश्चिक
बुधग्रह - धनु
गुरूग्रह - मेष
शुक्रग्रह - तुला
शनिग्रह - कुम्भ
राहु - मीन
केतु - कन्या राशि में स्थित है
* शुभ समय *
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:59 से दोपहर 12:40 तक रहेगा
सर्वार्थ सिद्धि योग :-
प्रातः 07:10 से रात्रि 09:36 तक रहेगा
रवि योग :-
प्रातः 07:10 से रात्रि 09:36 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:03 से दोपहर 02:44 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:26 से सायं 05:54 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:52 से रात्रि 12:47 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 05:20 से प्रातः 06:15 तक रहेगा
तिथि संवत :-
दिनांक - 22 दिसम्बर 2023
मास - मार्गशीर्ष
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - दशमी शुक्रवार प्रातः 08:16 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायन
ऋतु - हेमन्त ऋतु
विक्रम संवत - 2080
शाके संवत - 1945
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - अश्विनी नक्षत्र रात्रि 09:36 तक रहेगा इसके बाद भरणी नक्षत्र रहेगा
योग - परिघ योग प्रातः 11:11 तक रहेगा इसके बाद शिव योग रहेगा
करण - गर करण प्रातः 08:16 तक रहेगा इसके बाद वणिज करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - धनु
चंद्रग्रह - मेष
मंगलग्रह - वृश्चिक
बुधग्रह - धनु
गुरूग्रह - मेष
शुक्रग्रह - तुला
शनिग्रह - कुम्भ
राहु - मीन
केतु - कन्या राशि में स्थित है
* शुभ समय *
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:59 से दोपहर 12:40 तक रहेगा
सर्वार्थ सिद्धि योग :-
प्रातः 07:10 से रात्रि 09:36 तक रहेगा
रवि योग :-
प्रातः 07:10 से रात्रि 09:36 तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:03 से दोपहर 02:44 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 05:26 से सायं 05:54 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:52 से रात्रि 12:47 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 05:20 से प्रातः 06:15 तक रहेगा
* अशुभ समय *
राहुकाल :-
प्रातः 11:02 से दोपहर 12:20 तक रहेगा
गुलिक काल :-
प्रातः 08:27 से प्रातः 09:45 तक रहेगा
यमगण्ड :-
दोपहर 02:54 से सायं 04:12 तक रहेगा
दूमुहूर्त :-
प्रातः 09:14 से प्रातः 09:55 तक रहेगा
दोपहर 12:40 से दोपहर 01:21 तक रहेगा
वर्ज्य :-
सायं 05:41 से सायं 07:15 तक रहेगा
प्रातः 07:05 (23 दिसम्बर) से प्रातः 08:40 तक रहेगा
भद्रा :-
सायं 07:42 से प्रातः 07:10 (23 दिसम्बर) तक रहेगा
गण्ड मूल :-
प्रातः 07:10 से रात्रि 09:36 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पश्चिम दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो चॉकलेट खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 07:10 से 08:27 तक चर का
प्रातः 08:27 से 09:45 तक लाभ का
प्रातः 09:45 से 11:02 तक अमृत का
प्रातः 11:02 से 12:20 तक काल का
दोपहर 12:20 से 01:37 तक शुभ का
दोपहर 01:37 से 02:54 तक रोग का
दोपहर बाद 02:54 से 04:12 तक उद्वेग का
सायं 04:12 से 05:29 तक चर का चौघड़िया रहेगा
* अशुभ समय *
राहुकाल :-
प्रातः 11:02 से दोपहर 12:20 तक रहेगा
गुलिक काल :-
प्रातः 08:27 से प्रातः 09:45 तक रहेगा
यमगण्ड :-
दोपहर 02:54 से सायं 04:12 तक रहेगा
दूमुहूर्त :-
प्रातः 09:14 से प्रातः 09:55 तक रहेगा
दोपहर 12:40 से दोपहर 01:21 तक रहेगा
वर्ज्य :-
सायं 05:41 से सायं 07:15 तक रहेगा
प्रातः 07:05 (23 दिसम्बर) से प्रातः 08:40 तक रहेगा
भद्रा :-
सायं 07:42 से प्रातः 07:10 (23 दिसम्बर) तक रहेगा
गण्ड मूल :-
प्रातः 07:10 से रात्रि 09:36 तक रहेगा
दिशाशूल :-
पश्चिम दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो चॉकलेट खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 07:10 से 08:27 तक चर का
प्रातः 08:27 से 09:45 तक लाभ का
प्रातः 09:45 से 11:02 तक अमृत का
प्रातः 11:02 से 12:20 तक काल का
दोपहर 12:20 से 01:37 तक शुभ का
दोपहर 01:37 से 02:54 तक रोग का
दोपहर बाद 02:54 से 04:12 तक उद्वेग का
सायं 04:12 से 05:29 तक चर का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 05:29 से 07:12 तक रोग का
रात्रि 07:12 से 08:54 तक काल का
रात्रि 08:54 से 10:37 तक लाभ का
रात्रि 10:37 से 12:20 तक उद्वेग का
अधोरात्रि 12:20 से 02:02 तक शुभ का
रात्रि 02:02 से 03:45 तक अमृत का
प्रातः (कल) 03:45 से 05:28 तक चर का
प्रातः (कल) 05:28 से 07:10 तक रोग का चौघड़िया रहेगा
