दिनांक : 04 सितम्बर 2024

दिनांक : 04 सितम्बर 2024

आज का पंचांग   


सूर्योदय का समय : प्रातः 06:01

सूर्यास्त का समय : सायं 06:39

 

चंद्रोदय का समय : प्रातः 06:53

चंद्रास्त का समय : सायं 07:24


तिथि संवत :-

दिनांक - 04 सितम्बर 2024

मास - भाद्रपद

पक्ष - शुक्ल पक्ष

तिथि - प्रतिपदा बुधवार प्रातः 09:46 तक रहेगी

अयन -  सूर्य दक्षिणायण

ऋतु -  वर्षा ऋतु

विक्रम संवत - 2081

शाके संवत - 1946

सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-

नक्षत्र - उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र संपूर्ण दिनरात तक रहेगा

योग - साध्य योग रात्रि 08:03 तक रहेगा इसके बाद शुभ योग रहेगा

करण - बव करण प्रातः 09:46 तक रहेगा इसके बाद बालव करण रहेगा

ग्रह विचार :-

सूर्यग्रह - सिंह

चंद्रग्रह - सिंह

मंगलग्रह - मिथुन

बुधग्रह - कर्क

गुरूग्रह - वृष

शुक्रग्रह - कन्या

शनिग्रह - कुम्भ

राहु - मीन

केतु - कन्या राशि में स्थित है

* शुभ समय *

अभिजित मुहूर्त :-

आज अभिजित मुहूर्त नहीं है

विजय मुहूर्त :-

दोपहर 02:26 से दोपहर 03:17 तक  रहेगा

गोधूलि मुहूर्त :-

सायं 06:39 से सायं 07:02 तक  रहेगा

निशिता मुहूर्त :-

रात्रि 11:57 से रात्रि 12:43 तक  रहेगा

ब्रह्म मुहूर्त :-

प्रातः 04:30 से प्रातः 05:15 तक रहेगा


* अशुभ समय * 

राहुकाल :-

दोपहर 12:20 से दोपहर 01:55 तक  रहेगा

गुलिक काल :-

प्रातः 10:45 से दोपहर 12:20 तक  रहेगा

यमगण्ड :-

प्रातः 07:35 से प्रातः 09:10 तक  रहेगा

दूमुहूर्त :-

प्रातः 11:54 से दोपहर 12:45 तक  रहेगा

वर्ज्य :-

प्रातः 11:17 से दोपहर 01:06 तक  रहेगा

दिशाशूल :-

उत्तर दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो दूध  पीकर यात्रा कर सकते है

चौघड़िया मुहूर्त :-

दिन का चौघड़िया 

प्रातः 06:01 से 07:35 तक लाभ का

प्रातः 07:35 से 09:10 तक अमृत का

प्रातः 09:10 से 10:45 तक काल का

प्रातः 10:45 से 12:20 तक शुभ का

दोपहर 12:20 से 01:55 तक रोग का

दोपहर 01:55 से 03:29 तक उद्वेग का

दोपहर बाद 03:29 से 05:04 तक चर का

सायं 05:04 से 06:39 तक लाभ का चौघड़िया  रहेगा


रात का चौघड़िया

सायं 06:39 से 08:04 तक उद्वेग का

रात्रि 08:04 से 09:29 तक शुभ का

रात्रि 09:29 से 10:55 तक अमृत का

रात्रि 10:55 से 12:20 तक चर का

अधोरात्रि 12:20 से 01:45 तक रोग का

रात्रि 01:45 से 03:11 तक काल का

प्रातः (कल) 03:11 से 04:36 तक लाभ का

प्रातः (कल) 04:36 से 06:01 तक उद्वेग का चौघड़िया रहेगा