दिनांक : 31 अगस्त 2024

दिनांक : 31 अगस्त 2024

आज का पंचांग   


सूर्योदय का समय : प्रातः 05:59

सूर्यास्त का समय : सायं 06:43

 

चंद्रोदय का समय : प्रातः 04:08 (01 सितम्बर)

चंद्रास्त का समय : सायं 05:25


तिथि संवत :-

दिनांक - 31 अगस्त 2024

मास - भाद्रपद

पक्ष - कृष्ण पक्ष

तिथि - त्रयोदशी शनिवार कल प्रातः 03:40 तक रहेगी

अयन -  सूर्य दक्षिणायण

ऋतु -  वर्षा ऋतु

विक्रम संवत - 2081

शाके संवत - 1946

सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-

नक्षत्र - पुष्य नक्षत्र सायं 07:39 तक रहेगा इसके बाद अश्लेशा नक्षत्र रहेगा

योग - वरीयान योग सायं 05:39 तक रहेगा इसके बाद परिघ योग रहेगा

करण - गर करण दोपहर 02:59 तक रहेगा इसके बाद वणिज करण रहेगा

ग्रह विचार :-

सूर्यग्रह - सिंह

चंद्रग्रह - कर्क

मंगलग्रह - मिथुन

बुधग्रह - कर्क

गुरूग्रह - वृष

शुक्रग्रह - कन्या

शनिग्रह - कुम्भ

राहु - मीन

केतु - कन्या राशि में स्थित है

* शुभ समय *

अभिजित मुहूर्त :-

प्रातः 11:56 से दोपहर 12:47 तक  रहेगा

विजय मुहूर्त :-

दोपहर 02:29 से दोपहर 03:19 तक  रहेगा

गोधूलि मुहूर्त :-

सायं 06:43 से सायं 07:06 तक  रहेगा

निशिता मुहूर्त :-

रात्रि 11:59 से रात्रि 12:44 तक  रहेगा

ब्रह्म मुहूर्त :-

प्रातः 04:29 से प्रातः 05:14 तक रहेगा


* अशुभ समय * 

राहुकाल :-

प्रातः 09:10 से प्रातः 10:45 तक  रहेगा

गुलिक काल :-

प्रातः 05:59 से प्रातः 07:34 तक  रहेगा

यमगण्ड :-

दोपहर 01:57 से दोपहर 03:32 तक  रहेगा

दूमुहूर्त :-

प्रातः 05:59 से प्रातः 06:50 तक  रहेगा

प्रातः 06:50 से प्रातः 07:41 तक  रहेगा

भद्रा :-

प्रातः 03:40 (01 सितम्बर) से प्रातः 05:59 तक  रहेगा

गण्ड मूल :-

सायं 07:39 से प्रातः 05:59 (01 सितम्बर) तक  रहेगा

दिशाशूल :-

पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है

चौघड़िया मुहूर्त :-

दिन का चौघड़िया 

प्रातः 05:59 से 07:34 तक काल का

प्रातः 07:34 से 09:10 तक शुभ का

प्रातः 09:10 से 10:45 तक रोग का

प्रातः 10:45 से 12:21 तक उद्वेग का

दोपहर 12:21 से 01:57 तक चर का

दोपहर 01:57 से 03:32 तक लाभ का

दोपहर बाद 03:32 से 05:08 तक अमृत का

सायं 05:08 से 06:43 तक काल का चौघड़िया  रहेगा


रात का चौघड़िया

सायं 06:43 से 08:08 तक लाभ का

रात्रि 08:08 से 09:32 तक उद्वेग का

रात्रि 09:32 से 10:57 तक शुभ का

रात्रि 10:57 से 12:21 तक अमृत का

अधोरात्रि 12:21 से 01:46 तक चर का

रात्रि 01:46 से 03:10 तक रोग का

प्रातः (कल) 03:10 से 04:35 तक काल का

प्रातः (कल) 04:35 से 05:59 तक लाभ का चौघड़िया रहेगा