दिनांक : 29 जनवरी 2025

दिनांक : 29 जनवरी 2025

आज का पंचांग   


सूर्योदय का समय : प्रातः 07:11

सूर्यास्त का समय : सायं 05:58

 

चंद्रोदय का समय : प्रातः 07:09

चंद्रास्त का समय : सायं 05:48


तिथि संवत :-

दिनांक - 29 जनवरी 2025

मास - माघ

पक्ष - कृष्ण पक्ष

तिथि - अमावस्या बुधवार सायं 06:05 तक रहेगी

अयन -  सूर्य उत्तरायण

ऋतु -  शिशिर ऋतु

विक्रम संवत - 2081

शाके संवत - 1946

सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-

नक्षत्र - उत्तराषाढ़ा नक्षत्र प्रातः 08:20 तक रहेगा इसके बाद श्रवण नक्षत्र रहेगा

योग - सिध्दि योग रात्रि 09:22 तक रहेगा इसके बाद व्यतीपात योग रहेगा

करण - नाग करण सायं 06:05 तक रहेगा इसके बाद किंस्तुघ्न करण रहेगा

ग्रह विचार :-

सूर्यग्रह - मकर

चंद्रग्रह - मकर

मंगलग्रह - मिथुन

बुधग्रह - मकर

गुरूग्रह - वृष

शुक्रग्रह - मीन

शनिग्रह - कुम्भ

राहु - मीन

केतु - कन्या राशि में स्थित है

* शुभ समय *

अभिजित मुहूर्त :-

आज अभिजित मुहूर्त नहीं है

विजय मुहूर्त :-

दोपहर 02:22 से दोपहर 03:05 तक  रहेगा

गोधूलि मुहूर्त :-

सायं 05:55 से सायं 06:22 तक  रहेगा

निशिता मुहूर्त :-

रात्रि 12:08 से रात्रि 01:01 तक  रहेगा

ब्रह्म मुहूर्त :-

प्रातः 05:25 से प्रातः 06:18 तक रहेगा


* अशुभ समय * 

राहुकाल :-

दोपहर 12:34 से दोपहर 01:55 तक  रहेगा

गुलिक काल :-

प्रातः 11:14 से दोपहर 12:34 तक  रहेगा

यमगण्ड :-

प्रातः 08:32 से प्रातः 09:53 तक  रहेगा

दूमुहूर्त :-

दोपहर 12:13 से दोपहर 12:56 तक  रहेगा

वर्ज्य :-

दोपहर 12:09 से दोपहर 01:41 तक  रहेगा

दिशाशूल :-

उत्तर दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो दूध  पीकर यात्रा कर सकते है

चौघड़िया मुहूर्त :-

दिन का चौघड़िया 

प्रातः 07:11 से 08:32 तक लाभ का

प्रातः 08:32 से 09:53 तक अमृत का

प्रातः 09:53 से 11:14 तक काल का

प्रातः 11:14 से 12:34 तक शुभ का

दोपहर 12:34 से 01:55 तक रोग का

दोपहर 01:55 से 03:16 तक उद्वेग का

दोपहर बाद 03:16 से 04:37 तक चर का

सायं 04:37 से 05:58 तक लाभ का चौघड़िया  रहेगा


रात का चौघड़िया

सायं 05:58 से 07:37 तक उद्वेग का

रात्रि 07:37 से 09:16 तक शुभ का

रात्रि 09:16 से 10:55 तक अमृत का

रात्रि 10:55 से 12:34 तक चर का

अधोरात्रि 12:34 से 02:13 तक रोग का

रात्रि 02:13 से 03:52 तक काल का

प्रातः (कल) 03:52 से 05:31 तक लाभ का

प्रातः (कल) 05:31 से 07:10 तक उद्वेग का चौघड़िया रहेगा