दिनांक : 14 अप्रैल 2025

दिनांक : 14 अप्रैल 2025

आज का पंचांग   


सूर्योदय का समय : प्रातः 05:57

सूर्यास्त का समय : सायं 06:46

 

चंद्रोदय का समय : रात्रि 08:07

चंद्रास्त का समय : प्रातः 06:22


तिथि संवत :-

दिनांक - 14 अप्रैल 2025 

मास - वैशाख

पक्ष - कृष्ण पक्ष

तिथि - प्रतिपदा सोमवार प्रातः 08:25 तक रहेगी

अयन -  सूर्य उत्तरायण

ऋतु -  वसन्त ऋतु

विक्रम संवत - 2082

शाके संवत - 1947

सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-

नक्षत्र - स्वाती नक्षत्र रात्रि 12:13 तक रहेगा इसके बाद विशाखा नक्षत्र रहेगा 

योग - वज्र योग रात्रि 10:39 तक रहेगा इसके बाद सिध्दि योग रहेगा

करण - कौलव करण प्रातः 08:25 तक रहेगा इसके बाद तैतिल करण रहेगा

ग्रह विचार :-

सूर्यग्रह - मेष

चंद्रग्रह - तुला

मंगलग्रह - कर्क

बुधग्रह - मीन

गुरूग्रह - वृष

शुक्रग्रह - मीन

शनिग्रह - मीन

राहु - मीन

केतु - कन्या राशि में स्थित है

* शुभ समय *

अभिजित मुहूर्त :-

प्रातः 11:56 से दोपहर 12:47 तक  रहेगा

विजय मुहूर्त :-

दोपहर 02:30 से दोपहर 03:21 तक  रहेगा

गोधूलि मुहूर्त :-

सायं 06:45 से सायं 07:08 तक  रहेगा

निशिता मुहूर्त :-

रात्रि 11:59 से रात्रि 12:43 तक  रहेगा

ब्रह्म मुहूर्त :-

प्रातः 04:27 से प्रातः 05:12 तक रहेगा


* अशुभ समय * 

राहुकाल :-

प्रातः 07:33 से प्रातः 09:09 तक  रहेगा

गुलिक काल :-

दोपहर 01:58 से दोपहर 03:34 तक  रहेगा

यमगण्ड :-

प्रातः 10:45 से दोपहर 12:22 तक  रहेगा

दूमुहूर्त :-

दोपहर 12:47 से दोपहर 01:38 तक  रहेगा

दोपहर 03:21 से सायं 04:12 तक  रहेगा

दिशाशूल :-

पूर्व दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो घी खाकर यात्रा कर सकते है

चौघड़िया मुहूर्त :-

दिन का चौघड़िया 

प्रातः 05:57 से 07:33 तक अमृत का

प्रातः 07:33 से 09:09 तक काल का

प्रातः 09:09 से 10:45 तक शुभ का

प्रातः 10:45 से 12:22 तक रोग का

दोपहर 12:22 से 01:58 तक उद्वेग का

दोपहर 01:58 से 03:34 तक चर का

दोपहर बाद 03:34 से 05:10 तक लाभ का

सायं 05:10 से 06:46 तक अमृत का चौघड़िया  रहेगा


रात का चौघड़िया

सायं 06:46 से 08:10 तक चर का

रात्रि 08:10 से 09:34 तक रोग का

रात्रि 09:34 से 10:57 तक काल का

रात्रि 10:57 से 12:21 तक लाभ का

अधोरात्रि 12:21 से 01:45 तक उद्वेग का

रात्रि 01:45 से 03:08 तक शुभ का

प्रातः (कल) 03:08 से 04:32 तक अमृत का

प्रातः (कल) 04:32 से 05:56 तक चर का चौघड़िया रहेगा