दिनांक : 26 सितम्बर 2025
दिनांक : 26 सितम्बर 2025
आज का पंचांग
सूर्योदय का समय : प्रातः 06:11
सूर्यास्त का समय : सायं 06:13
चंद्रोदय का समय : प्रातः 10:04
चंद्रास्त का समय : रात्रि 08:35
तिथि संवत :-
दिनांक - 26 सितम्बर 2025
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - चतुर्थी शुक्रवार प्रातः 09:32 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायण
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2082
शाके संवत - 1947
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - विशाखा नक्षत्र रात्रि 10:09 तक रहेगा इसके बाद अनुराधा नक्षत्र रहेगा
योग - विष्कुम्भक योग रात्रि 10:51 तक रहेगा इसके बाद प्रीति योग रहेगा
करण - विष्टि करण प्रातः 09:32 तक रहेगा इसके बाद बव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - कन्या
चंद्रग्रह - तुला
मंगलग्रह - तुला
बुधग्रह - कन्या
गुरूग्रह - मिथुन
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मीन
राहु - कुम्भ
केतु - सिंह राशि में स्थित है
* शुभ समय *
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:48 से दोपहर 12:36 तक रहेगा
सर्वार्थ सिद्धि योग :-
रात्रि 10:09 से प्रातः 06:12 (27 सितम्बर) तक रहेगा
रवि योग :-
रात्रि 10:09 से प्रातः 06:12 (27 सितम्बर) तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:12 से दोपहर 03:00 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 06:13 से सायं 06:37 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:48 से रात्रि 12:36 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:36 से प्रातः 05:24 तक रहेगा
तिथि संवत :-
दिनांक - 26 सितम्बर 2025
मास - आश्विन
पक्ष - शुक्ल पक्ष
तिथि - चतुर्थी शुक्रवार प्रातः 09:32 तक रहेगी
अयन - सूर्य दक्षिणायण
ऋतु - शरद ऋतु
विक्रम संवत - 2082
शाके संवत - 1947
सूर्यादय कालीन नक्षत्र :-
नक्षत्र - विशाखा नक्षत्र रात्रि 10:09 तक रहेगा इसके बाद अनुराधा नक्षत्र रहेगा
योग - विष्कुम्भक योग रात्रि 10:51 तक रहेगा इसके बाद प्रीति योग रहेगा
करण - विष्टि करण प्रातः 09:32 तक रहेगा इसके बाद बव करण रहेगा
ग्रह विचार :-
सूर्यग्रह - कन्या
चंद्रग्रह - तुला
मंगलग्रह - तुला
बुधग्रह - कन्या
गुरूग्रह - मिथुन
शुक्रग्रह - सिंह
शनिग्रह - मीन
राहु - कुम्भ
केतु - सिंह राशि में स्थित है
* शुभ समय *
अभिजित मुहूर्त :-
प्रातः 11:48 से दोपहर 12:36 तक रहेगा
सर्वार्थ सिद्धि योग :-
रात्रि 10:09 से प्रातः 06:12 (27 सितम्बर) तक रहेगा
रवि योग :-
रात्रि 10:09 से प्रातः 06:12 (27 सितम्बर) तक रहेगा
विजय मुहूर्त :-
दोपहर 02:12 से दोपहर 03:00 तक रहेगा
गोधूलि मुहूर्त :-
सायं 06:13 से सायं 06:37 तक रहेगा
निशिता मुहूर्त :-
रात्रि 11:48 से रात्रि 12:36 तक रहेगा
ब्रह्म मुहूर्त :-
प्रातः 04:36 से प्रातः 05:24 तक रहेगा
* अशुभ समय *
राहुकाल :-
प्रातः 10:42 से दोपहर 12:12 तक रहेगा
गुलिक काल :-
प्रातः 07:42 से प्रातः 09:12 तक रहेगा
यमगण्ड :-
दोपहर 03:13 से सायं 04:43 तक रहेगा
दूमुहूर्त :-
प्रातः 08:36 से प्रातः 09:24 तक रहेगा
दोपहर 12:36 से दोपहर 01:24 तक रहेगा
वर्ज्य :-
रात्रि 02:39 (27 सितम्बर) से प्रातः 04:27 तक रहेगा
भद्रा :-
प्रातः 06:11 से प्रातः 09:32 तक रहेगा
विंछुड़ो :-
दोपहर 03:23 से प्रातः 06:12 (27 सितम्बर) तक रहेगा
दिशाशूल :-
पश्चिम दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो चॉकलेट खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:11 से 07:42 तक चर का
प्रातः 07:42 से 09:12 तक लाभ का
प्रातः 09:12 से 10:42 तक अमृत का
प्रातः 10:42 से 12:12 तक काल का
दोपहर 12:12 से 01:42 तक शुभ का
दोपहर 01:42 से 03:13 तक रोग का
दोपहर बाद 03:13 से 04:43 तक उद्वेग का
सायं 04:43 से 06:13 तक चर का चौघड़िया रहेगा
* अशुभ समय *
राहुकाल :-
प्रातः 10:42 से दोपहर 12:12 तक रहेगा
गुलिक काल :-
प्रातः 07:42 से प्रातः 09:12 तक रहेगा
यमगण्ड :-
दोपहर 03:13 से सायं 04:43 तक रहेगा
दूमुहूर्त :-
प्रातः 08:36 से प्रातः 09:24 तक रहेगा
दोपहर 12:36 से दोपहर 01:24 तक रहेगा
वर्ज्य :-
रात्रि 02:39 (27 सितम्बर) से प्रातः 04:27 तक रहेगा
भद्रा :-
प्रातः 06:11 से प्रातः 09:32 तक रहेगा
विंछुड़ो :-
दोपहर 03:23 से प्रातः 06:12 (27 सितम्बर) तक रहेगा
दिशाशूल :-
पश्चिम दिशा की तरफ रहेगा यदि जरुरी हो तो चॉकलेट खाकर यात्रा कर सकते है
चौघड़िया मुहूर्त :-
दिन का चौघड़िया
प्रातः 06:11 से 07:42 तक चर का
प्रातः 07:42 से 09:12 तक लाभ का
प्रातः 09:12 से 10:42 तक अमृत का
प्रातः 10:42 से 12:12 तक काल का
दोपहर 12:12 से 01:42 तक शुभ का
दोपहर 01:42 से 03:13 तक रोग का
दोपहर बाद 03:13 से 04:43 तक उद्वेग का
सायं 04:43 से 06:13 तक चर का चौघड़िया रहेगा
रात का चौघड़िया
सायं 06:13 से 07:43 तक रोग का
रात्रि 07:43 से 09:13 तक काल का
रात्रि 09:13 से 10:43 तक लाभ का
रात्रि 10:43 से 12:12 तक उद्वेग का
अधोरात्रि 12:12 से 01:42 तक शुभ का
रात्रि 01:42 से 03:12 तक अमृत का
प्रातः (कल) 03:12 से 04:42 तक चर का
प्रातः (कल) 04:42 से 06:12 तक रोग का चौघड़िया रहेगा
